सरकार ने पेश की अर्थव्यवस्‍था की तस्वीर, बैंकों को 2.11 लाख करोड़ की मदद का ऐलान

अर्थव्यवस्था में सुस्ती का आरोप लगाने वाले अंदर और बाहर के आलोचकों को करारा जवाब देते हुए मोदी सरकार ने कहा है कि देश की अर्थव्यवस्था सही दिशा में जा रही है और इसकी बुनियाद काफी मजबूत है।
मंगलवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन में अर्थव्यवस्था की चमकदार तस्वीर पेश करने वाले विस्तृत प्रेजेंटेशन के जरिए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि पिछले तीन साल में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था में शामिल रहे भारत की उच्च वृद्धि दर को आने वाले समय में भी कायम रखने की कोशिश की जा रही है।

इस अवसर पर अपने प्रेजेटेशन में आर्थिक मामलों के सचिव एससी गर्ग ने कहा कि अर्थव्यवस्था में सुस्ती का दौर खत्म हो गया है। खुद अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने कहा है कि जल्दी ही भारत आठ फीसदी के विकास दर को हासिल कर लेगा।

भारतमाला परियोजना: 34, 800 किमी सड़कों का विकास
देश की इस दूसरी सबसे बड़ी परियोजना के तहत अगले पांच साल में यानी 2022 तक 34,800 किमी राष्ट्रीय राजमार्गों का विकास किया जाएगा। इसके तहत सरहदी इलाकों तक कनेक्टिविटी बढ़ाने, अंतरराष्ट्रीय बंदरगाहों को जोडऩे और तटीय इलाकों तक पहुंच बनाने का लक्ष्य है। इस पर 5.35 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

इस महात्वाकांक्षी परियोजना से 14 करोड़ मानव दिवस का रोजगार पैदा होगा। सबसे पहले 9000 किमी के आर्थिक कॉरीडोर पर काम शुरू किया जाएगा। अगले चरण में सीमांत इलाकों में 2000 किमी सड़क बनाई जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने यह मंगलवार को यह फैसला किया।

राजमार्गों पर सात लाख करोड़ का निवेश
भारतमाला परियोजना को मिलाकर अगले पांच साल में कुल 83 हजार किमी राजमार्गों का विकास किया जाएगा। इस पर 6.90 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें 70 फीसदी खर्च का वहन केंद्र सरकार करेगी जबकि 30 फीसदी रकम निजी भागीदार को जुटानी होगी।

जीएसटी के बाद विभिन्न राज्यों की सीमाओं पर बने नाका खत्म होने से मालवाहक वाहनों की रफ्तार बढ़ी है। इस परियोजना के पूरी होते ही इसमें और इजाफा होगा। मौजूदा समय में एक भारतीय ट्रक 250-300 किमी की दूरी तय करता है, जबकि विदेश में यह औसत 700-800 किमी का है।

किसान: गेहूं का समर्थन मूल्य 110, दलहन का 200 रुपये बढ़ा
मोदी सरकार ने कृषि बढ़ाने और महंगाई को काबू में रखने के लिए रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में इजाफा किया है। गेहूं का समर्थन मूल्य 110 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाकर 1735 रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा दलहनों के समर्थन मूल्य में 200 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है। अब चना और मसूर का समर्थन मूल्य क्रमश: 4200 और 4150 हो गया है।

सरकार का दावा
– जल्दी ही हासिल होगी आठ फीसदी की आर्थिक विकास दर
– तीन साल से सबसे तेज बढऩे वाली अर्थव्यवस्थाओं में शुमार
– इस वर्ष महंगाई को चार फीसदी से ऊपर नहीं जाने दिया जाएगा
– राजकोषीय घाटा 3.2 व चालू खाता घाटा 2 फीसदी पर कायम
– 72,500 करोड़ के विनिवेश लक्ष्य को पार कर लेगी सरकार

राहुल के गब्बर सिंह टैक्स वाले बयान पर वित्त मंत्री ने कहा कि जो लोग 2जी और कोयला घोटाले के अभ्यस्त हैं उन्हें जीएसटी के तहत वाजिब टैक्स देने में परेशानी तो होगी ही। उन्होंने कहा कि विपक्ष जब 8 नवंबर को काला दिवस मनाएगा तो पूरा देश नकद लेन-देन के प्रति उनके समर्पण का तमाशा देखेगा।

SOURCE: http://www.amarujala.com/india-news/finance-minister-arun-jaitley-said-the-government-is-ready-to-fight-the-economic-challenge?pageId=2

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